संपादकीय: समकालीनता का दबाव और कविता
कविता केवल शब्दों की कारीगरी नहीं है, बल्कि समाज के अंतर्विरोधों से टकराने का नैतिक साहस है। अक्षय शोध भारती का यह अंक नई सदी के तीसरे दशक में हिंदी कविता की दिशा पर केंद्रित है।
उद्धरण संदर्भ (Citation):
डॉ. रामविलास शर्मा शोध संस्थान et al. (2026). "अक्षय शोध भारती: समकालीन हिंदी कविता में लोकचेतना और सौन्दर्यशास्त्र". अक्षय प्रकाशन (akshayprakashan.in).
डॉ. रामविलास शर्मा शोध संस्थान et al. (2026). "अक्षय शोध भारती: समकालीन हिंदी कविता में लोकचेतना और सौन्दर्यशास्त्र". अक्षय प्रकाशन (akshayprakashan.in).